अनजान प्यार
मेरी धडकनों में बसी जान हो तुम
हर वक़्त, हर लम्हा मेरे साथ हो तुम
सांसो में बसे प्राण हो तुम
मेरे नाम की पहचान हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
...
कृषण की बांसुरी में प्रेम की च्न्कार हो तुम
राधा की पुकार हो तुम
मीरा की आस हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
...
कवितायों में अलंकार हो तुम
किसी शायर का ख्वाब हो तुम
चकोर का चाँद हो तुम
चंचल हवा का एहसास हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
मेरे प्यार से अनजान हो तुम
...मेरे जीवन का अंतिम अंजाम हो तुम
छोड़ तुम्हे न जी पाउँगा वो एहसास हो तुम
काश तुम भी कभी आ कर कहो मेरे लिए कुछ खास हो तुम
....
मेरे प्यार से क्यों अनजान हो तुम
मेरे प्यार से क्यों अनजान हो तुम
मेरे प्यार से क्यों अनजान हो तुम???



really heart touching lines!!!!!!!!!1
ReplyDeleteReally heart touching Lines!!!!!!!11
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